FAQs

माता-पिता और छात्रों द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न और उत्तर (FAQ By Parents)


Defense Forces are prepared in our school, in which children are prepared for Defense Forces like Career Defense School, Sanik School, Rashtriya Military schools, Rai Sports School, Gurukul Kurukshetra, Gurukul Nilokheri School etc.
हमारे स्कूल में डिफेन्स फोर्सेज की तयारी करवाई जाती है जिसमे Career Defense School,Sanik School ,Rimc Dehradun schools ,Rashtriya Military schools ,Rai Sports School,Gurukul Kurukshetra, Gurukul Nilokheri School.Oak Grove School,Central Hindu School,kittur Sainik School आदि डिफेन्स फोर्सेज के लिए बच्चो को तैयारी करवाई जाती है

Our school is from Class 1 to Class 12 and is a CBSC Affiliated English Medium Boarding School where children stay and prepare for defense forces like Gurukul Kurukshetra School, Gurukul Nilokheri School, Sainik School, Rashtriya Military Schools, Rimc Dehradun Schools Competitive Exams. In which school education is conducted from 6 am to 2 pm and competitive exams from 3 pm to 5 pm and from 6 pm to 10 pm. In the evening, from 5 in the evening to 7:30 in the morning, sports activis is done.
हमारा school क्लास १ से लेकर क्लास १२ तक है और ये एक सबीएससी एफिलिएटेड इंग्लिश मध्यम बोर्डिंग school है जहा पे बच्चे रह कर डिफेन्स फोर्सेज के लिए Gurukul Kurukshetra School,Gurukul Nilokheri School,Sanik School,Rashtriya Military schools ,Rimc Dehradun schools जैसे कॉम्पिटेटिव एक्साम्स के लिए तयारी करते है.जिसमे सुबह ८ बजे से लेकर २ बजे तक स्कूल की पढ़ाई और दोपहर ३ बजे से लेकर ५ बजे तक और रात ८ बजे से लेकर १० बजे तक कॉम्पिटेटिव एक्साम्स की तयारी करवाई जाती है। साथ में शाम को ५ बजे से लेकर ७:३० बजे तक , सुप्पोर्टस एक्टीवीएस करवाई जाती है

Apart from studies, activities like horse riding, swimming, NCC training, smart classes etc. are conducted. In which yoga and meditation are done from 5:30 am to 6:30 am and sports activities are done from 5 pm to 7:30 pm in the evening. Along with this, competitive exams are also prepared.
बच्चो को स्टडी के अलावा हॉर्स राइडिंग ,स्विमिंग,नक्क्की ट्रेनिंग, स्मार्ट क्लासेज आदि एक्टिविटीज करवाई जाती है। जिसमे सुबह 5:30 बजे से लेकर 6:30 बजे तक योग और मैडिटेशन करवाई जाती है और शाम को 5 बजे से 7:30 बजे तक सुप्पोर्टस एक्टिविटीज करवाई जाती है. इसके साथ साथ कॉम्पिटेटिव एक्साम्स की तयारी भी करवाई जाती है।

Of course, if a child is not selected in any school, then he / she can continue up to 12th class in our school and study further from commerce and science stream. Children are filled with many school forms such as Oak Grove School, Gurukul, Aps Dagshai, Central School.So if the children are not selected in Sainik School or Miltary School he/she can be selected in some other school . Those who are very good in study, they get selected in Sainik School, Miltary School, Gurukul, and Children who are not very good in study, they would have been selected by Oak Grove School, Central Hindu School, Aps Dagshai.
बिलकुल,अगर कोई बच्चा किसी भी स्कूल में सेलेक्ट नहीं होता तो वो हमारे स्कूल में ही १२थ क्लास तक कंटिन्यू कर सकता है और कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम से आगे की स्टडी कर सकता है। बच्चो से कई स्कूल के फॉर्म्स भरवाए जाते है जैसे की Oak Grove School,गुरुकुल ,Aps Dagshai,सेंट्रल स्कूल। तो जो बच्चे सैनिक स्कूल या मिल्टरी स्कूल में सेलेक्ट नहीं होते तो वो बच्चे किसी न किसी स्कूल में सेलेक्ट हो ही जाते है ,जो बच्चे स्टडी में ज्यादा अच्छे होते है वो सैनिक स्कूल,मिल्टरी स्कूल ,गुरुकुल में सेलेक्ट हो जाते है ,और जो बच्चे पढ़ने में ज्यादा अच्छे नहीं होते वो Oak Grove School ,सेंट्रल हिन्दू स्कूल,Aps Dagshai सेलेक्ट हो जाते।

In Sainik School, preparation is done for Defense Forces. There you are prepared for Defense Forces. In the future, you can do engineering from a good college. You can go ahead and join any good course. You can do engineering through IITs. It is not compulsory that you are studying in Sainik School, you have to join NDA, that is your choice. The children studying in Sainik School are giving good performance in all the felds of Hindustan today. So it depends on the child and parents that the child does not have to join NDA.
सैनिक स्कूल में डिफेन्स फोर्सेज के लिए तैयारी कराई जाती है।वहाँ पे आपको डिफेन्स फोर्सेज के लिए तैयार किया जाता है। फ्यूचर में आप एक अच्छे कॉलेज से इंजीनियरिंग कर सकते है। आप आगे चलके और कोई भी अच्छा कोर्स ज्वाइन कर कर सकते है। आप IIT के थ्रू इंजीनियरिंग कर सकते है। ऐसा कंपल्सरी नहीं है की आप सैनिक स्कूल में पढ़ रहे है तू आपको NDA ज्वाइन करना ही करना है, वो आपकी मर्ज़ी है। सैनिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे आज हिंदुस्तान के सभी फैल्डर्स में अच्छा परफॉर्मेंस दे रहे है। तो ये बच्चे और माता पिता के ऊपर देपेंद करता है की बच्चे को NDA ज्वाइन करनी है ता नहीं।

All the teachers are B.Ed(according to subject) qualified and they are given a chance to teach the students only after post graduation. For science stream, most of the teachers are selected who is M.sc Chemistry, M.sc Biology or M.sc Physics qualified. For Math's students, the teachers whose qualification is M.sc Maths are selected. For the competitive exam, only those teachers are selected for different strams who are well qualified and who have been preparing for competitive exams for the past several years.
सब्जेक्ट्स के अकॉर्डिंग सभी टीचर्स बी.एड क्वाटिलीफ़िएड होते है और उन्हे पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद ही बच्चो को पढ़ाने का मौका दिया जाता है। साइंस स्टूडेंट्स को पढ़ने के लिए ज्यादातर M.sc Chemistry, M.sc Biology या M.sc Physics के टीचर्स को सेलेक्ट किया जाता है। मैथ्स के स्टूडेंट्स को पढ़ने के लिए M.sc Maths के टीचर्स को सेलेक्ट किया जाता है। कॉम्पिटेटिव एग्जाम के लिए अलग अलग feilds और कॉम्पिटेटिव लेवल की तयारी करने वाले टीचर्स का ही चयन किया जाता है जो पिछले कई साल से कॉम्पिटेटिव एक्साम्स की तयारी करवा रहे है।

NDA is prepared in Gurukul at 11th and 12th. NDA's wing is different. Children who want to do engineering, they are given the IIT preparation. And the students who want to become doctors are prepared for NEET. Wing of NDA, IIT, NEET and NEET is different in Gurukul.
गुरुकुल में ११थ और १२थ में NDA की तयारी करवाई जाती है। NDA का विंग अलग है। जो बच्चे इंजीनियरिंग करना चाहते है ,उन्हें IIT की तयारी करवाई जाती है। और जो बच्चे डॉक्टर बनना चाहते है उन्हें NEET की तयारी करवाई जाती है.गुरुकुल में NDA ,IIT , NEET और नीट का विंग अलग अलग है
1 Rouser 5:30 am
2 Fall in outside 5:50 am
3 Physical Training 6:00 am - 6:45 am
4 Fall in for Break Fast 7:45 am
5 Grace before Break Fast 8:00 am
6 Break Fast 8:00 am - 8:30 am
7 Morning Assembly 8:30 am - 8:50 am
8 Acadermix Session 9:00 am - 11:30 am
9 Tea Break 11:30 am - 12:00 pm
10 Competitive Session 12:00 pm - 2:00 pm
11 Lunch break 2:00 pm - 2:20 pm Sainik School Rim Ownradun Nawodaya School, Miltary Schock Nda, Mittary Nurwng, Ra Sports Schoot, UP Sainik School
12 Rest Time 2:20 pm - 3:30 pm
13 Self Study 3:30 pm - 5:00 pm
14 Sportss Activity 5:00 pm - 7:00 pm Cricket, Football,Tennis,Horse Riding, Gymnastic, Badminton
15 Fresh 7:00 pm - 7:30 pm
16 Dinner 7:30 pm - 8:00 pm
17 Self Study 8:00 pm - 10:00 pm
18 Sleep 10:00 pm

Every month there is a PTM on 4th saturday. The students's performance is analyzed every month and PTM is conducted every month. once a month, parents can come and meet their child and can take them for an outing after permission. Apart from this, every week on Sunday, children are talked to parents with mobile phones.
4th सैटरडे को PTM होती है. हर महीने बच्चे की पर्फोर्मस को एनालिसिस किया जाता है और हर महीने PTM होती है। । महीने में एक बार पेरेंट्स आ कर अपने बच्चे से मिल सकते है और परमिशन के बाद आउटिंग क लिए ले जा सकते। इसके अलावा हर हफ्ते संडे को मोबाइल फ़ोन से बच्चो की पेरेंट्स के साथ बात करवाई जाती है ।

There are 2 security guards at the front gate during the day and 2 guards at night. Apart from this, 24-horse online cameras are installed everywhere in the campus, in mess, in hostel. And where the camera system is installed, it is monitored for 24 hours. Teachers live in hostels with children. They eat food with them, rest with them, stay with them, play sports in the evening. So the biggest security is that the teachers stay with the children for 24 hours.
फ्रंट गेट पर २ सिक्योरिटी गार्ड दिन में और २ गार्ड रात में रहते है। इसके अलावा पुरे कैंपस में,मेस में ,होस्टेल में हर जगह पे प्रॉपर २४ हॉर्स ऑनलाइन cameras लगाए लगे है। और जहा पे camera सिस्टम लगाए लगे है वहाँ की प२४ घंटे निगरानी की जाती है। बच्चो के साथ हॉस्टल में टीचर्स रहते है। उनके साथ ही खाना कहते है , उनके साथ ही रेस्ट करते है ,उनके साथ ही रहते है ,शाम को स्पोर्ट्स खेलते है। तो सबसे बड़ी सिक्योरिटी एहि है की बच्चो के साथ टीचर्स २४ घंटे रहते है

The room in the hostel is quite large, so there are 4 children in one room. The room system is different. We have a door matrix system. In the door matrix system, children are decided according to the halls, so there are 8 children, there are also 12 children, there are 15 children. It depends on how big the door matrix hall is. The rest, which is the size of the room, only 4 to 5 children live in a room.
हॉस्टल में रूम काफी बड़े है तो एक रूम में ४ बच्चे रहते है।जो रूम वाला सिस्टम है वो अलग है। हमारे पास door matrix सिस्टम होता है। door matrix सिस्टम में हॉल के अक्सोर्डिंगली बच्चे decide किये जाते है ,तो कही पे 8 बच्चे होते है कही पे १२ बच्चे भी होते है ,१५ बच्चे भी होते है।वो डिपेन्ड करता है की door matrix hall कितना बड़ा है। बाकी जो रूम का साइज है तो एक रूम में ४ से ५ बच्चे ही रहते है।

Every 10 children have 1 teacher in the hostel, so the student teacher ratio in our school is 1/10
हर १० बच्चे पे हॉस्टल में १ टीचर होता है तो हमारे स्कूल में स्टूडेंट टीचर रेश्यो १/१० है

Food is served 3 times. Breakfast is received at 8 o'clock in the morning, lunch at 2 o'clock in the afternoon, and dinner at 8 o'clock in the night and children get milk once a day.The canteen is open in the evening, children can use their pocket money and take snacks. In the evening there is sports time of children, in which children play and eat.
खाना ३ बार मिलता है.सुबह 8 बजे ब्रेकफास्ट मिलता है,दोपहर 2 बजे लंच, और रात में 8 बजे डिनर मिलता है और दिन में एक बार बच्चो को दूध मिलता है। शाम को कैंटीन ओपन होती है तो बच्चे अपनी पॉकेट मनी use करके स्नैक्स ले सकते है। शाम को बच्चो का स्पोर्ट्स टाइम होता है जिसमे बच्चे खेलते और खाते है।

There would be proper school classes in the morning from 8 am to 2 pm. 2 hours in the afternoon and 2 hours in the night means complete 4 hours of competitive exams are prepared.
मॉर्निंग में सुबह 8 बजे से लेकर 2 बजे तक प्रॉपर स्कूल की क्लासेज होती। दोपहर को 2 घंटे और रात में 2 घंटे मतलब पुरे 4 घंटे कॉम्पिटिटिव एक्साम्स की तयारी करवाई जाती है

In our school, children from 6th to 12th class are given the NDA preparation for their children from a young age. Along with this, children are prepared for NTSE.Children who want to do engineering, they are given the IIT preparation. And the students who want to become doctors are prepared for NEET.
हमारे स्कूल में 9th क्लास से लेकर 12th क्लास के बच्चो को प्रॉपर छोटी age से ही बच्चो को NDA की तयारी कराई जाती है। इसके साथ साथ बच्चो को एनटीएसस की तयारी करवाई जाती है। जो बच्चे इंजीनियरिंग करना चाहते है ,उन्हें IIT की तयारी करवाई जाती है। और जो बच्चे डॉक्टर बनना चाहते है उन्हें NEET की तयारी करवाई जाती है।

15 days in summer and 15 days in winter means that the children are given total 30 holidays in a year. In our school, children do not get extra days off because they prepare for competitive exams.
समर में १५ दिन और विंटर में १५ दिन मतलब बच्चो को साल में टोटल ३० की छुट्टिया दी जाती। हमारे स्कूल में बच्चो को एक्स्ट्रा दिनों की छुट्टिया नहीं मिलती क्यूंकि बच्चे कॉम्पिटिटिव एक्साम्स की तयारी करते है।

Our school has NCC Compulsory from 6th class to 12th class.Because it is a defense boarding school, children have NCC compulsory.
हमारे स्कूल में 6th क्लास से 12th क्लास तक नक्स कंपल्सरी है। क्यूंकि ये एक डिफेन्स बोर्डिंग स्कूल है तो बच्चो को NCC कंपल्सरी है ।

The children who study in our school, Sainik School, Rimc Dehradun, Central Hindu School, Gurukul School, all these forms are filled by us according to the age. Apart from this, there are some exams which are in our school. There are some exams which are in the state of the children, then they would have to get the exams to parents only.
जो बच्चे हमारे स्कूल में पढ़ते है, सैनिक स्कूल,Rimc Dehradun,Central Hindu School,गुरुकुल स्कूल ये सारे ोर्म हम भरवाते वाते है। इसके अलावा कुछ एक्साम्स ऐसे है जो हमारे स्कूल में है। कुछ एग्जाम ऐसे होते है जो बच्चो की स्टेट में होते है तो वो एग्जाम पेरेंट्स को ही दिलवाने पड़ते ।गुरकुल कुरुक्षेत्र ,गुरुकुल निल्लोखेरी ,Oak Grove School,Aps Dagshai आदि जैसे स्कूल्ज का एग्जाम हम ही दिलवाते है। पर Bhosala Military School स्कूल,सैनिक स्कूल, Rimc Dehradunन ,सेंट्रल हिन्दू स्कूल आदि का एग्जाम पेरेंट्स को ही दिलवाना पड़ता है क्यूंकि ये उनकी स्टेट में ही होता है।

Normal school consists of 45 to 50 children in a class, but because in our school training of competitive exams is conducted like Sainik School, Miltary School, Rims Dekhradan etc, we have to pay special attention to this that in a class whether it is a small class or a big class, only 20 to 25 children sit in it. No more children are placed in a class
नार्मल स्कूल में एक क्लास में ४५ से ५० बच्चे होते है...पर क्योँकि हमारे स्कूल में कॉम्पिटिटिव एक्साम्स की ट्रैंनिंग करवाई जाती है जैसे सैनिक स्कूल,मिल्टरी स्कूल,रिम्स देखरदन आदि .तो हमे इस बात का स्पेशल ध्यान देना पड़ता है की हमारी एक क्लास में चाहे वो छोटी क्लास हो या बड़ी क्लास हो उसमे सिर्फ २० से २५ बच्चे ही बैठते हो। इससे ज्यादा बच्चो को एक क्लास में नहीं बिठाया जाता।

A doctor and a nurse are available in school for 24 hours. Because our school is very high, there are a lot of children in hostels and all these children are boarding, so a doctor and a nurse are available 24 hours in school. The advantage is that if a child falls ill, has a mild fever, then that child can easily go and get his treatment. In the first stage, if there is any problem, diagnosis is made, if it is hurt, it becomes very easy to bandage it. The atmosphere of the hostel is quite good. And apart from this, a van stays in school for 24 hours. Suppose if there is an emergency case, then the Mullana University, along with our school, is right in front of our school, we can take the child to get treatment there.
स्कूल में २४ घंटे एक डॉक्टर और एक नर्स अवेलेबल होते है।क्योँकि हमारे स्कूल में संख्या बहुत ज्यादा है ,हॉस्टल में काफी बच्चे होते है और दूसरा ये सभी बच्चे बोर्डिंग वाले होते है तो स्कूल में २४ घंटे एक डॉक्टर और एक नर्स अवेलेबल होने से फायदा ये होता है की अगर कोई बच्चा बीमार पड़ता है , हल्का सा बुखार हो गया तो वो बच्चा easily जाकर अपना इलाज करवा सकता है। फर्स्ट स्टेज में कोई भी प्रॉब्लम होती है,डायग्नोसिस हो गयी ,चोट लग गयी तो उसको पट्टी करना काफी इजी हो जाता है। हॉस्टल का माहौल काफी अच्छा रहता है। और इसके अलावा स्कूल में एक वैन २४ घंटे रहती है। मान लो अगर कोई इमरजेंसी केस आ गया तो हमारे स्कूल के साथ ही जो मुलाना यूनिवर्सिटी है ,वो हमारे स्कूल के बिलकुल सामने है ,वहाँ पे बच्चे को ले जाकर इलाज करा सकते है।

The light remains in our school for 24 hours. Apart from this, we have 3 generators. Since the size of the hostel is very big, the children are very high, so we have kept the 3 generators in backup. Because if there is a problem of light, then one generator runs for 5 to 6 hours, the other can be run, the third can be run. It is kept so that we do not face any kind of problem.
२४ घंटे हमारे स्कूल में लाइट रहती है। इसके अलावा हमारे पास ३ जनरेटर रखे है। क्योँकिहॉस्टल का साइज काफी बड़ा है ,बच्चे काफी ज्यादा है' तो हम लोगो ने ३ ३ जनरेटर बैकअप में रखे हुए है। क्योँकि अगर कभी लाइट की दिक्कत आती है तो एक जनरेटर ५ से ६ घंटे चलता है ,पहर दूसरे को चलाया जा सकता है ,पहर तीसरे को चलाया जा सकता है। ये इसलिए रखा जाता है की हमे कोई दिक्कत ना आये किसी तरह की भी।

In hostels, children get 3 time meals and one time milk. If a child wants to take extra milk, then parents can pay. In the evening the canteen is open, the child can go and take milk, apple, banana or snacks. An account of the child opens in the canteen, the cash payment is not allowed to the children. So the parents who give monthly pockets (2 to 2.5 thousand rupees) to children, the child can eat anything using it.
हॉस्टल में बच्चो को ३ टाइम का खाना मिलता है और एक टाइम दूध मिलता है। अगर कोई बच्चा एक्स्ट्रा दूध लेना चाहते है तो पेरेंट्स pay कर सकते है। शाम को कैंटीन खुली होती है वह जाकर बच्चा दूध ले सकता है सेब ,केला या स्नैक्स कुछ भी ले सकता है। कैंटीन में बच्चे का एक अकाउंट खुल जाता है ,बच्चो को कॅश पेमेंट allowed नहीं होता है। तो बच्चो को पेरेंट्स जो मंथली पॉकेट देते है (२ से २. ५ हज़ार रूपीस) , उसका इस्तेमाल करके बच्चा कुछ भी खा सकता है।

We are preparing for Defense Forces from 2012-2013. Our Specialized Training is for Defense Forces, on which we have been working for many years. For the last 6-7 years, thousands of survivors have been selected for Sainik School, Miltary School, Gurukul, Jawahar Navodhya School.
हम २०१२ -२०१३ से डिफेन्स फोर्सेज के लिए तयारी करवा रहे है।हमारा स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग डिफेन्स फोर्सेज के लिए होता है, जिनके ऊपर हम कई सालो से काम कर रहे है। पिछले ७-८ साल से, हज़ारो बचे सैनिक स्कूल,मिल्टरी स्कूल ,गुरुकुल,जवाहर नवोध्या स्कूल के लिए सेलेक्ट हो चुके है।

First, 2nd and 3rd class children have a fees of Rs 1 lakh, in which living, eating, drinking, books, dress and all other study material are included. 5 forms of children who study in our school are filled free. In which you can pay Rs 90,000 pay at 1 time. in 2 installments you can pay 50-50 thousand rupees. If we talk about 4th and 5th and 6th class, then their fee is Rs 1,20,000. You can pay it 50-50 thousand rupees in 2 installments. You have to pay Rs 1,10,000 at 1 time. The fees for children from 7th class to 12th class are 1,40,000. At one time you have to pay 1,30,000 pay. You can pay it by doing 70-70 thousand in 2 installments.
फर्स्ट ,२ण्ड और ३र्ड क्लास के बच्चो की फीस १ लाख रूपीस होती है ,जिसमे रहना ,खाना ,पीना ,बुक्स ,ड्रेस सब इन्क्लुडे होता है। जो बच्चे हमारे स्कूल में पढ़ते है उनके ५ फॉर्म फ्री भरे जाते है। जिसमे आप १ेक टाइम पे ९०,००० पाय कर सकते है,२ इंस्टॉलमेंट्स में आप ५०-५० थाउजेंड रूपीस पाय कर सकते है। अगर हम बात करे 4 और ५थ और ७थ क्लास की तो उनकी फीस होती है १,२०,०००। आप इसको २ इंस्टॉलमेंट्स में ५० -५० thousand रूपीस pay कर सकते है। आप १ टाइम में १,१०००० पाय कर सकते है। 7th क्लास से लेकर 12th क्लास तक के बच्चो की फीस १,40,००० होती है। 1 टाइम पे आपको १,३०,००० पाय करना पड़ता है। इसको आप २ इंस्टॉलमेंट्स में ७०-७० थाउजेंड कर के पाय कर सकते है।

In our school, there is PTM for children from 1st to 6th class on 2nd Saturday and from 7th to 12th class on 4th Saturday.In PTM there are parents as well as children. And if any parent wants to meet Vinay sir,wants to give feedback,wants to file a complain, then there can be a meeting with Vinay sir at that time. It is not possible to meet parents one to one, because every day there are number of admissions, daily 12 13 parents from all over India visit the school , then it is not possible to meet parents one to one. But on the 2nd and 4th Saturdays there is PTM, in which there is parents, children and Vinay sir.
हमारे स्कूल में , २ण्ड सैटरडे को क्लास १st से ६थ क्लास तक के बच्चो की और ४थ सैटरडे को ७थ से लेकर १२थ क्लास तक के बच्चो की PTM होती है। PTM में पेरेंट्स भी होते है ,बच्चे भी होते है। और अगर कोई पैरेंट विनय सर से मिलना चाहते है,फीडबैक देना चाहते है , complaint करना चाहते है , तो उस टाइम पे विनय सर के साथ मीटिंग हो सकती है। पेरेंट्स से one to one मिल पाना पॉसिबल नहीं है क्योँकि हर रोज़ एडमिशंस होती है , आल ओवर इंडिया से डेली १२ १3 पेरेंट्स विजिट करते है तो डेली पेरेंट्स को one to one मिल पाना पॉसिबल नहीं है। पर २ण्ड और ४थ सैटरडे को PTM होती है जिसमे पेरेंट्स होते है ,बच्चे होते है और विनय सर भी होते है।

In Haryana, Our school is 20 km from Ambala Cantt railway station.Defense School Ambala is on the Ambala-Yamunanagar road,in front of the kalpi bus stand. It is very nearest point. From Ambala railway station, Tata Magic will bring parents in 20 rupees in front of the school. So parents can come in 40 rupees, can meet their children and can have a present.
हमारा स्कूल हरियाणा में , अम्बाला कैंट रेलवे स्टेशन से २० कम की दूरी पे है। अम्बाला-यमुनानगर रोड पर , बिलकुल main रोड के ऊपर kalpi बस स्टैंड के सामने डिफेन्स स्कूल अम्बाला है। बहुत ही नेअरेस्ट पॉइंट है। अम्बाला रेलवे स्टेशन से टाटा मैजिक वाले २० रस में पेरेंट्स को बिलकुल स्कूल के सामने उतारेंगे। तो पेरेंट्स ४० रस में आ जा सकते है ,अपने बच्चो से मिल सकते है और पटम अटेंड कर सकते है .


So parents can get a guarantee for any 3 school exams according to the age of the child and get them ready for 2 years. Only the examination of the written exam is guaranteed, the interview and the physical exam is not guaranteed. So what happens in the case of Guarantee, whatever you submit the amount, as you submit, as long as the date you submit, if your child is selected in any of the three schools then the fee is not refunded. Is, but if your child is unable to clear even one of the three exams, then the entire fee of the child is refunded.
बहुत सारे पेरेंट्स चाहते है की हमारे बच्चे की गुरांटी लेकर तयारी करवाए, तो age के अकॉर्डिंग किसी भी बच्चे को किसी भी ३ स्कूल के एग्जाम के लिए पेरेंट्स अपने बच्चे को गुरंटी लेकर २ साल तक तैयारी करवा सकते है। सिर्फ रिटेन एग्जाम की गरंटी होती है ,इंटरव्यू और फिजिकल एग्जाम की गरंटी नहीं होती। तो गुरंटी के केस में क्या होता है ,जो भी आप अमाउंट जमा करवाते है ,जैसे जैसे आप जमा करवाते है ,जितनी जितनी तारीख को आप जमा करवाते है तो अगर आपका बच्चा तीनो में से किसी भी स्कूल में सेलेक्ट होता तो फीस रिफंड नहीं होती है ,पर अगर आपका बच्चा तीनो एग्जाम में से एक भी एग्जाम क्लियर नहीं कर पाता है तो बच्चे की पूरी फीस रिफंड हो जाती है

The children who study in school, Rashtriya Military schools, Aps Dagshai, Gurukul Kurukshetra, Gurukul Neelokheri, Oak Grove School etc ,these are some of the schools whose forms we fill and according to age 5 exams are also provided by the school. But some exams are in the state of children, parents have to get them done. We fill the forms of Sainik School, Rimc Dehradun, Bhosala Military School, Central Hindu School, UP Sainik School etc but exams have to be submitted to parents only.
जो बच्चे स्कूल में पढ़ते है , Rashtriya Military schools ,Aps डगशाई,Gurukul कुरुक्षेत्र,Gurukul नीलोखेड़ी,Oak Grove स्कूल आदि ,ये कुछ ऐसे स्कूल्ज है जिनके फॉर्म्स हम भरते है और age के अकॉर्डिंग कोई भी ५ एग्जाम भी स्कूल दिलवाता है। पर कुछ एग्जाम को बच्चो की स्टेट में होता है वो पेरेंट्स को ही दिलवाना पड़ता है। सैनिक स्कूल ,Rimc देहरादून,Bhosala Military स्कूल,Central Hindu स्कूल,UP Sainik स्कूल आदि के फॉर्म हम भरवा देते है पर exams पेरेंट्स को ही दिलवाने पड़ते है।

Boys and girls hostels are different in our school. Boys are accompanied by mail teachers who live with them, play, eat and drink, sleep with them. Similarly, girls hostels are accompanied by female staff who live with them, say, drink and get self study done at night. All this work is done by the female teacher.
हमारे स्कूल में बॉयज और गर्ल्स हॉस्टल अलग अलग है। बॉयज के साथ मेल टीचर्स रहते है जो उनके साथ रहते है,खेलते है ,खाते है पीते है ,उनके साथ सोते है। ऐसे ही जो गर्ल्स हॉस्टल है उनके साथ फीमेल स्टाफ रहता है जो उनके साथ रहते है ,कहते है ,पीते है और रात को सेल्फ स्टडी करवाते है। ये सारा काम फीमेल टीचर का होता है।

In our school, children are taught CBSE syllabus at school time from 8 AM to 2 PM. Competitive exam is focused on 2 hours in the afternoon and 2 hours in the night. There are some children who come for the preparation of sports, some left for the preparation of Sainik School, Gurukul, Rims Dehradun. So the purp for the child who comes for them is given that recording. The sports teachers get the sports teachers selected. Sainik School, Miltary School is taught by the teachers of Sainik School, Miltary School.
हमारे स्कूल में , सुबह ८ बजे से लेकर २ बजे तक बच्चो को स्कूल की पढ़ाई करवाई जाती है। बच्चो को स्कूल टाइम में सीबीएसई सिलेबस पढ़ाया जाता है। दोपहर को २ घंटे और रात को २ घंटे कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तयारी पे फोकस किया जाता है। कुछ बच्चे ऐसे है जो स्पोर्ट्स की तयारी के लिए आते है,कुछ बचे सैनिक स्कूल,गुरुकुल,रिम्स देहरादून की तयारी के लिए आते है। तो जो बच्चा जिस पर्पस के लिए आता है उन्हें उस अकॉर्डिंग तयारी करवाई जाती है। स्पोर्ट्स वालो को स्पोर्ट्स वाले टीचर तयारी करवाते है। सैनिक स्कूल,मिल्टरी स्कूल वालो को सैनिक स्कूल,मिल्टरी school वाले टीचर पढ़ते है।

Any child, boy or girl can take admission to study normal CBSE. They are taught syllabus of CBSE in school from 8 am to 2 pm. And whatever they are taught in school during the day, the same is revised for 2 hours in the afternoon and 2 hours at night. So that the children can perform well in the exams of their CBSE boards and together bring their good rank in the board.

Scholarship forms are filled in our school every year in January, February and March. So any child, irrespective of the background, can apply for that scholarship form. We have taught 21 children in 2018, 31 children in 2019 and 51 children in 2020 for free. If your child is good in studies, then you must make a registration, fill the scholarship form. If your child is unable to clear the paper, then the registration fee which is 10,000 rupees will be added to the school fees in april. You will not have any loss in it. But you must fill the form from January, February, March, and you must book your seat.
हमारे स्कूल में हर साल जनवरी,फरवरी,और मार्च में स्कालरशिप फॉर्म भरे जाते है। तो कोई भी बच्चा चाहे वो किसी भी बैकग्राउंड से है ,उस स्कालरशिप फॉर्म के लिए अप्लाई कर सकता है। २०१८ में २१,२०१९ में ३१,२०२० में 51 बच्चो को हमने फ्री पढ़ाया है। अगर आपका बच्चा पढ़ाई में अच्छा है तो आप रेगिस्ट्रशन जरूर कराये ,स्कालरशिप फॉर्म जरूर भरवाए। अगर आपका बच्चा पेपर क्लियर नहीं कर पाटा तो जो रजिस्ट्रेशन फीस है १०,००० रूपीस वो april में school फीस में ऐड हो जायेंगे। उसमे आपका कोई भी लोस्स नहीं होगा। पर आपको जनवरी ,फ़रवरी ,मार्च में बचे से फॉर्म जरूर भरवाना है ,अपनी सीट जरूर बुक करवानी है।

If any child is coming to our school for admission then he / she should have a report card, should have a proper TC with the SRL number indicated by the DO. Normal TC is not to be brought. The child's ID should be the child's Aadhaar card and the parents' Aadhaar card for the child's ID. Apart from this, 10 passport size photos, child's birth certificate, must be the report card and TC of the school where the child has come to study.
अगर कोई भी बच्चा हमारे स्कूल में एडमिशन के लिए आ रहा है तो उसके पास रिपोर्ट कार्ड होना चाहिए, DO के सिग्न की हुई SRL नंबर वाली प्रॉपर TC होनी चाहिए। नार्मल TC लेकर नहीं आनी है। बच्चे की ID के लिए बच्चे का आधार कार्ड और माता-पीता का आधार कार्ड होना चाहिए। इसके अलावा १० पासपोर्ट साइज फोटोज ,बच्चे का बिरथ सर्टिफिकेट, जिस स्कूल में बच्चा पढ़ के आया है उस स्कूल का रिपोर्ट कार्ड और TC जरूर होना चाहिए।

Girls of 5th class can apply for 6th class for Gurukul, Sainik School, Kittur Sainik School. Apart from this, girls from 5th class to 11th class can apply for Oak Grove School, Aps Dagshai. Girls of class 6th, 8th and 11th can apply for Hindu Central School and Navodaya School. There is a very limited school for girls but there are 96 schools in which girls can apply for admission. agar aap uttar pardesh hai too ladkiya UP sainik school ke liye apply kar sakte hai. If you are from Uttar Pradesh, then girls can also apply for UP sainik school.
5th क्लास की लड़कियां 6th क्लास के लिए गुरुकुल,सैनिक स्कूल,कित्तूर सैनिक स्कूल के लिए अप्लाई कर सकती है। इसके इलावा ५थ क्लास से लेकर ११थ क्लास की लड़किया Oak Grove School ,Aps Dagshai के लिए अप्लाई कर सकती है। क्लास ६थ ,९थ और ११थ की लड़किया हिन्दू सेंट्रल स्कूल और Navodaya स्कूल के लिए अप्लाई कर सकती है। लड़कियों के लिए बहुत लिमिटेड स्कूल है पर ७ ८ स्कूल है जिनमे लड़किया एडमिशन के लिए अप्लाई कर सकती है। agar aap uttar pardesh hai too ladkiya UP sainik school ke liye apply kar sakte hai . अगर आप उत्तर प्रदेश से है तो लड़किया UP sainik school के लिए भी अप्लाई कर सकती है।

Yes there is an AC facility in the hostel. If a parent wants to allot an AC room to their child, then you have to pay extra Rs. 40,000 annually, whether your child is in small class or in big class. Otherwise you have to pay normal fees.
हॉस्टल में एक फैसिलिटी है। अगर कोई पेरेंट्स अपने बच्चे को एक रूम अलॉट करना चाहते है तो आपको ४०००० रूपीस सालाना एक्स्ट्रा pay करना पड़ेगा फिर चाहे आपका बच्चा छोटी क्लास में है या बड़ी क्लास में । नहीं तो आपको नार्मल फीस ही pay करनी पड़ेगी।

Children study in school from 4 am to 2 am. After that, those who want to do well in sports are given extra time to play with the rest of the children. Apart from this, you have a sports teacher in the school, you will get all the sports goods, for whatever you want to play the game. Normal children get 1 hour in the morning and 2.5 hours in the evening to play but children who want to do well in sports are given at least 2 hours in the morning and 3.5 - 4 hours in the evening. So that the child can pay extra attention in sports and make his bright future in sports. So you will get all the facilities related to sports
बच्चो का सुबह ८ बजे से लेकर २ बजे तक बच्चे स्कूल की पढ़ाई करते है। उसके बाद जो बची स्पोर्ट्स में अच्छा करना चाहते है उन्हें बाकी बच्चो से एक्स्ट्रा टाइम दिया जाता है खेलने के लिए। इसके अलावा आपको स्कूल में स्पोर्ट्स टीचर है , स्पोर्ट्स का सारा सामान मिलेगा ,जो भी आप गेम खेलना चाहते है उसके लिए । नार्मल बच्चो को सुबह १ घंटा और शाम को २.५ घंटे मिलते है खेलने के लिए पर जो बच्चे स्पोर्ट्स में अच्छा करना चाहते है उन्हें सुबह कम से कम २ घंटे अलग से और शाम को ३.५ - ४ घंटे दिए जाते है। ताकि बच्चा स्पोर्ट्स में एक्स्ट्रा ध्यान दे सके और स्पोर्ट्स में अपना ब्राइट फ्यूचर बना सके। तो स्पोर्ट्स से रिलेटेड सारी फैसिलिटी आपको मिलेगी।

There is no B provision to eat non veg in the mess but if a child wants to eat non veg separately then we have a canteen. The child wants to eat whatever non veg food or boiled egg with his pocket money. So they are fed on demand non veg food. Because there are children from all over India, everyone's thinking is different, everyone's family background is different, so it is very important to support children. Children prepare for exams throughout the year, so it is very important to have good food and to be of their choice. So along with eating veg, non veg food is also taken care of.
मेस में नॉन veg खाने का कोई बी प्रावधान नहीं है लेकिन अगर कोई बच्चा नॉन वेग अलग से खाना चाहता है तो हमारे पास कैंटीन है। वह जाकर बच्चा अपनी पॉकेट मनी से जो भी नॉन veg फ़ूड या बॉयल्ड एग खाना चाहता है. तो उन्हें ओन डिमांड नॉन veg खाना खिलाया जाता है। क्यूंकि आल ओवर इंडिया से बच्चे है , सबकी सोच अलग है , सबका फॅमिली बैकग्राउंड अलग है तो ऐसे में बच्चो को सपोर्ट करना बहुत जरुरी है। बच्चे साल भर एक्साम्स की तयारी करते है तो खाना पीना अच्छा होना और उनकी पसंद का होना बहुत जरुरी है। तो veg खाने के साथ साथ नॉन वेग खाने का भी ध्यान दिया जाता है।

The fee includes a set of 15 books of competitive exam, copy of statutory items, pens, pencils, rubber, bags, uniforms all included. According to the age of the children who study in school, 5 forms of 5000 which is a form of 1000 rupees are included. Forms that are expensive up to 1500 rupees are not included in it. If any parents want to fill the extra form which is up to 1500, 2000, 3000 then they can get the forms filled by paying extra. So staying inside the school, drinking food, school goods, swimming, horse riding, smart pads are all included in the fees.
फीस में कॉम्पिटिटिव एग्जाम की १५ बुक्स का सेट ,स्टेटनरी का सारा सामान कॉपी,पेन ,पेंसिल,रबर ,बैग, यूनिफार्म सब इन्क्लुडे होता है। स्कूल में जो बच्चे पढ़ते है उनके उम्र के हिसाब से ५००० के ५ फॉर्म जो की १००० रूपीस का एक फॉर्म होता है वो शामिल होते है। जो फॉर्म महंगे होते है १५०० रूपीस तक वो इसमें शामिल नहीं होते। अगर कोई पेरेंट्स एक्स्ट्रा फॉर्म भरवाना चाहते है जो १५०० ,२०००,३००० तक के है तो वो extra पाय कर के वो फॉर्म्स फइलल करवा सकते है। तो स्कूल के अंदर रहना ,खाना पीना,स्कूल का सामान ,स्विमिंग ,हॉर्स राइडिंग ,स्मार्ट पैड्स सब फीस में इन्क्लुडे होता है।

Cash is not allowed. You can get the child recharged monthly. Pocket money can be provided. So what happens in it, if you have given 2000 rupees for pocket money to the child, then the child can use it to buy any item, if he wants to eat something, he can eat it. Cash is not allowed because there is a problem of theft due to cash in hostels, but parents are also upset, children are also disturbed and school management is also disturbed.
कॅश allowed नहीं होता है। आप बच्चे को मंथली रिचार्ज करवा सकते है। पॉकेट मनी प्रोवाइड करवा सकते है। तो उसमे क्या होता है अगर आपने बच्चे को २००० रूपीस पॉकेट मनी के लिए दिए है तो बच्चा उसका इस्तेमाल कर के कोई भी सामान खरीद सकता है ,एक्स्ट्रा कोई चीज़ खाना चाहता है तो खा सकता है। कॅश allowed नहीं होता क्यूंकि हॉस्टल में कॅश की वजह से चोरी की प्रॉब्लम होती है पहर पेरेंट्स भी परेशान होते है , बच्चे भी परेशां होते है और स्कूल मैनेजमेंट भी परेशान होती है।

There is no such arrangement for parents to stay in hostels. If any parents come from All Over India and want to stay, then there is a 2 hotel near the hostel with whom we have tie-up. We make them wait for the parents to stay. They send them. So that you do not face any kind of problem. You can stay at that place. Allowed parents are not allowed to stay in school.
हॉस्टल में पेरेंट्स के रहने का ऐसा कोई इंतज़ाम नहीं है। अगर कोई पेरेंट्स आल ओवर इंडिया से आते है और रुकना चाहते है ,तो हॉस्टल के पास एक २ होटल है जिनके साथ हमारा tie-up है। हम वह पर पेरेंट्स के रहने का इंतेज़ाम करा देते है। उनको वह भिजवा देते है। ताकि आपको किसी तरह की कोई दिक्कत न आये। वह जाकर आप स्टे कर सकते है। स्कूल में पेरेंट्स का रुकना अल्लोवेद नहीं है।

Yes, boys and girls hostels are different in our school. Boys are accompanied by mail teachers who live with them, play, eat and drink, sleep with them. Similarly, girls hostels are accompanied by female staff who live with them, say, drink and get self study done at night. All this work is done by the female teacher.
हमारे स्कूल में बॉयज और गर्ल्स हॉस्टल अलग अलग है। बॉयज के साथ मेल टीचर्स रहते है जो उनके साथ रहते है,खेलते है ,खाते है पीते है ,उनके साथ सोते है। ऐसे ही जो गर्ल्स हॉस्टल है उनके साथ फीमेल स्टाफ रहता है जो उनके साथ रहते है ,कहते है ,पीते है और रात को सेल्फ स्टडी करवाते है। ये सारा काम फीमेल टीचर का होता है।